पल्लव
Saturday, November 1, 2014
{ ८२८ } {Oct 2014}
हुए कहाँ-कहाँ ज़ख्म दिखाने की जरूरत क्या
दिल में बसे हुए दर्द बतलाने की जरूरत क्या
मोहब्बत मोहताज नही है किसी बन्धन की
किसी को एहसास दिलाने की जरूरत क्या।।
-- गोपाल कृष्ण शुक्ल
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