Sunday, September 29, 2013

{ ६८३ } {Sept 2013}





हुआ उसकी छवि से अभिसार
खो बैठा हूँ निज पर अधिकार
अभीभूत हो गयीं सारी ॠतुयें
बहने लगी मस्त मादक बयार।।

-- गोपाल कृष्ण शुक्ल

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