Thursday, August 22, 2013

{ ६६७ } {Aug 2013}





जो भी पा न सका अब तक तुम्हे
उसको भी तेरा सौन्दर्य लुभाता है
फ़ूल चाहे किसी का भी हो मगर
उसकी गँध से सभी का नाता है।।

-- गोपाल कृष्ण शुक्ल

No comments:

Post a Comment