Tuesday, May 22, 2012

{ २७९ } {May 2012}





याद न कर उसे जो, मन के अनुसार नही मिलता
भूल रही हो तुम, कहीं पे बेमन प्यार नही मिलता
हासिल क्या होगा तुमको, यूँ रोने से अश्रु बहाने से
प्रेम-पीडा बिन प्रेमी को भी प्रेमोपहार नही मिलता।।

-- गोपाल कृष्ण शुक्ल

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